राजनाथ सिंह ने विमान की शस्त्र पूजा विवाद पर दिया बयान
दशहरे के दिन भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस के पेरिस में भारत को फ्रांस से मिलने वाले 36 राफेल विमानों में से पहला विमान प्राप्त किया। उन्होंने फ्रांस में ही विमान की शस्त्र पूजा की। भारत में शस्त्र पूजा की परंपरा काफी पुरानी रही है और भारतीय जनता पार्टी के कई नेता दशहरे के अवसर पर शस्त्र पूजा करते हुए देखे जा सकते हैं। मगर इस बार इस पर काफी विवाद हुआ।
दरअसल राफेल की शस्त्र पूजा किए जाने के बाद भारत में इस पर काफी बवाल मचा। कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने इसकी निंदा की और उन्होंने कहा कि सरकार इसको धार्मिक दृष्टिकोण देने का प्रयास कर रही है। कई लोगों ने तो रक्षा मंत्री के इस कार्य का मजाक भी उड़ाया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अपनी रक्षा करने के लिए भारत विमान खरीद रहा है और विमान की रक्षा के लिए पूजा कर रहा है। अब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस विवाद पर अपना बयान दिया है।
विमान की शस्त्र पूजा के दौरान थे सभी धर्मों के लोग
हरियाणा में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब राफेल की पूजा हो रही थी उस समय वहां पर सभी धर्मों के लोग मौजूद थे। वहां पर है हिंदू मुस्लिम सिख और ईसाई सभी मौजूद थे। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या सिख ओम का जाप नहीं करते हैं ? क्या ईसाई आमीन नहीं कहते हैं ? क्या मुसलमान आमीन नहीं कहते हैं ? यह एक परंपरा है जो सभी धर्मों के लोग निभाते हैं। इस पर विवाद का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
कांग्रेस को है ओम से आपत्ति
राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस को समस्या इस बात से है कि देश को शक्तिशाली बनाने वाले विमान पर ओम कैसे लिखा गया और वहां पर नारियल कैसे फोड़ा गया! उन्होंने हम पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगा दिया। क्योंकि कांग्रेस की नियत ही ठीक नहीं है।
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